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जलना

rog • October 1, 2026

#23 – जलना

लक्षण और कारण:

अक्सर आकस्मिक रूप से घास या रहने की जगह पर आग लगने से गाय, भैंस या पशु
जल जाते हैं । छाले पड़ जाते हैं। फफोले पक जाने पर उनमें से मवाद या पानी
निकलता है। त्वचा छिल जाती है। जानवर को बहुत तकलीफ होती है। आंखों और नाक
से पानी निकलता है। झाग निकलता है। जानवर हाँफता है। अगर समय रहते इलाज
नहीं किया गया तो घाव सड़ कर कीड़े पड जाते है। इससे नासूर होने की संभावना बढ़
जाती है।

बीमारी के

बीमारी के उपचार हेतू उपयुक्त पदार्थ:

500 ग्राम गौमूत्र 50 ग्राम भीमसेनी खाने वाला कपूर
50 ग्राम चुने के ऊपर का पानी 25 ग्राम फिटकरी
50 ग्राम सरसों 200 ग्राम एलोवेरा
50 ग्राम हल्दी 50 ग्राम त्रिफला चूर्ण
1 बर्नोल ट्युब 10 किलो बर्फ
50 ग्राम तुलसी के पत्ते 50 ग्राम गुलाब के फूल

उपयोग कैसे करे:

●​ सबसे पहले, बर्फ या ठंडा पानी जले हुए भाग पर बड़ी मात्रा में डालें। 15 मिनट
के बाद, इसके ऊपर चूने के पानी को लगाए
●​ एलोवेरा के रसको हल्के हाथ से लगाएं।
●​ गौमूत्र में राल, कपूर, फिटकरी, हल्दी, त्रिफला और चूने के का पानी मिलाकर
गर्म करें, ठंडा होने पर मरहम की तरह जले हुए भाग पर लेप की तरह हल्के हाथ
से लगाए।
●​ जले हुए भाग पर बरनोल लगाए।
●​ जले हुए भाग पर मक्खियां या अन्य जीव-जंतु बैठकर उसे संक्रमित ना करें
इसके लिए मलहम लगा कर रुई से ड्रेसिंग करें और कॉटन की हल्की पट्टी बांधे।
पंखे की व्यवस्था करें।

सावधानी:

गाय, भैंस या पशु को पूर्ण रूप से आराम दे।

परिणाम:

गौमूत्र एंटीसेप्टिक है, इसलिए यह जख्म में मवाद होने से रोकेगा एवं अन्य आयुर्वेदिक
पदार्थ घाव को ठीक होने में और दर्द को दूर करने में सहायता करेंगे।

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