#22 – भ्रमर, कुत्ता, सांप या बिच्छू का काटना
लक्षण और कारण:
अक्सर गमाण में खाते समय या जंगल में विचरण करते समय कुत्ता,बिच्छू या साँप
काट लेते हैं। कभी-कभी ततैया भी काट लेता है। इससे जानवरों को असहनीय पीड़ा
होती है। जानवर दौड़ता है और चिल्लाता है। मुंह से झाग निकलता है। हांफता है।
अक्सर बेहोश भी हो जाते हैं। समय पर इलाज न होने पर मौत भी हो जाती है।
ततैया काटने पर:
यदि ततैया ले , तो ततैये के डंक को गौमूत्र से धोकर गोबर में तंबाकू युक्त नसवार
मिलाकर अच्छी तरह से मालिश करें । ततैया के डंक के उपचार में गाय का गोबर एक
अमृत है। यदि अधिक ततैया काटें ले तो पशु चिकित्सक द्वारा एक इंजेक्शन लगवाए।
साँप, बिच्छू या कुत्ता काटने पर:
प्राथमिक चिकित्सा:
यदि उपरोक्त जानवरों में से कोई भी काटता है, तो प्रतीक्षा किए बिना तुरंत एक पशु
चिकित्सक को बुलाएं।
डॉक्टर के आने तक निम्न प्रकार से प्राथमिक उपचार दे।
सबसे पहले, उस हिस्से पर रस्सी या कपड़े से एक कसी पट्टी बांधें दे , ताकि जहर ना
फैले । धारदार चाकू या ब्लेड को डेटॉल से धोकर ढ़क वाले भाग पर कट लगाकर ढ़क
को निकाल दें। चाकू को गर्म पानी में उबालकर ठंडा करके ही उपयोग में लाए।
शरीर के जिस भाग पर डंक लगे स्थान पर गौमुत्र में छींकनी और सर्पगंधा मिलाकर
अच्छे से मलकर धो दीजिए। टिंचर के आयोडीन और बोरिक पाउडर से भी धोया जा
सकता है।
विशेष ध्यान दें:
लेंटिना(घनेरी) पौधे के पत्ते और नमक की चटनी बनाकर तथा डंक खींचकर बिच्छू के
काटने वाली जगह पर रगड़ने से बिच्छू का जहर कम हो जाता है।
कतक (निर्मली) फल को घिस कर बिच्छू के काटने वाले स्थान पर लगाने से भी बिच्छू
के डंक का दर्द, सूजन आदि प्रभाव ठीक हो जाते हैं।
चेतावनी:
धागा , , मंत्र, जादू टोना या अंधविश्वास पर विश्वास न करें। दाग न दे। तत्काल डॉक्टर
को बुलाकर इंजेक्शन देकर उपचार करवाए।
अद्भुत प्रयोग: अधेड़ (अपामार्ग) के पत्तों को पीसकर बिच्छू के डंक पर लगाए।