#20 – गर्मी से लू लगना
लक्षण और कारण:
हमारा देश उष्ण कटिबंध में स्थित है। हमारे देश में आठ महीने गर्मी लगभग 42 से 47
सेंटीग्रेड तक रहती है। गर्मी में भटकना या गर्म हवा लगने के कारण जानवर को लू लग
जाती है। पेड़ और जंगल घट गए हैं जिसके कारण जानवरों को पेड़ों की छाया नहीं मिल
पाती। सीमेंट और लोहे की चादरें और सीमेंट कंक्रीट की कम ऊंचाई वाले शेड में
जानवरों को बहुत गर्मी लगती है। बहुत गर्मी के कारण जानवर लू लग जाती है।
जानवर अक्सर बेहोश हो जाता है। लू लगने पर पशु को बुखार भी आ जाता है। कई बार
दस्त भी लग जाते हैं। अक्सर ज्यादा गर्मी के कारण जानवर मर भी जाता है। पशु
हांफता है और पीड़ा का अनुभव करता है।
बीमारी के
बीमारी के उपचार हेतू उपयुक्त पदार्थ:
| 2 लीटर देसी गाय के दूध का ताजा मठ्ठा | 100 ग्राम मिश्री |
| 50 ग्राम तुलसी | 50 ग्राम धनिया |
| 100 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियां | 50 ग्राम पलाश के फूल |
| 50 ग्राम सौंफ | 50 ग्राम सेंधा नमक |
| 50 ग्राम आमला | 50 ग्राम मीठा नीम |
| 50 ग्राम ग्वारपाठा | 50 ग्राम आम की गुठली |
| 100 ग्राम कच्चा आम | 50 ग्राम नींबू |
| 200 ग्राम केमिकल बिनाका देसी गुड | 50 ग्राम इमली |
| 100 ग्राम प्याज पानी – जरुरत के हिसाब से हेलो हेलो |
उपरोक्त सामग्रियों अपने क्षेत्र में जितनी उपलब्ध हो सके उतनी सामग्री का उपयोग
करें।
कैसे बनाएं:
उपरोक्त आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को काट कूट कर तथा बारीक पीसकर उचित मात्रा में
पानी लेकर अच्छी तरह उबालें ।
उपयोग कैसे करे:
उपरोक्त औषधीय काढ़े को 2 लीटर छाछ में डालकर दिन में तीन बार और छोटे पशु
को 1 लीटर दिन में तीन बार दे।
भोजन:
पानी (4 लीटर ) में चावल, मकई, जौ एवं ज्वार के मोटा पिसे हुए आटे (कुल मिलाकर
2 किलो) को गुड या शक्कर और थोडा सोंध नमक डालकर हल्की आंच पर 2 लीटर
पानी बचे तब तक उबालें । ठंडा होने पर हाथ से मिलाकर गाय, भैंस या पशु को दिन में
दो बार 2 लीटर की मात्रा में 1 हफ्ते तक पिलाए । छोटे बच्चों को 1 लीटर की मात्रा में
दिन में दो बार पिलाएं।
निर्देश:
जानवर को छाया में ले रखे और पशु को बहुत ठंडे पानी से नहलाए , तथा पशु को गीले
कपड़े से ढक दें। उस पर बार-बार ठंडा पानी डालते रहे। पंखे की सुविधा इत्यादि का
प्रबंध करें।
परिणाम:
उपरोक्त उपचार देने और ठंडे पदार्थों को पीने से पशु की गर्मी कम हो जाएगी और वह
ठंडक महसूस करेगा।
विशेष:
कच्चे आम के साथ नमक, गुड़, जीरा, गुलाब की पंखुड़ियां , सौंफ, धनिया डालकर
उबालें, ठंडा करें और इस सरबत को पिलाएं।
तैयार आयुर्वेदिक दवा पिलाना भी गर्मी में फायदेमंद रहेगा। 200 ग्राम कच्चे आम के
रस में 200 ग्राम गुड़ मिलाकर पिलाने से भी बहुत लाभ होगा। नींबू का शरबत भी पिला
सकते हैं। इमली और गुड़ का शरबत भी बना कर पिला सकते हैं।