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मंदाग्नि, कब्ज, अपच

rog • October 1, 2026

#17 – मंदाग्नि, कब्ज, अपच

लक्षण और कारण:

एक ही प्रकार का हरा चारा अथवा बासी, फंगस या शैवाल युक्त चारा खाने और गंदे
नाले, कीचड़ या तालाब का कीटाणु युक्त पानी पीने से, जानवरों को एक ही जगह पर
खूंटे से बांध के रखने पर घूमना फिरना बंद हो जाता है जिससे भोजन पचता नहीं है।
इससे कब्ज और मंदाग्नि जैसी बीमारियां होती हैं। पशु गोबर करना बंद कर देता है।
जानवर बेचैनी महसूस करता है। भोजन लंबे समय तक आंतों में पड़ा रहकर सड़न पैदा
करता है जिससे आंतो की बीमारियां पैदा होती है। जानवर आलसी की तरह बेचैन होकर
पड़ा रहता है। मंदाग्नि के कारण कई अन्य बीमारियां भी होती हैं। दूध का उत्पादन घट
जाता है।

बीमारी के

बीमारी के उपचार हेतू उपयुक्त पदार्थ:

500 ग्राम गौमूत्र (Cow Urine of Indigenous Breed) 50 ग्राम हरड़
50 ग्राम मेथी दाना 25 ग्राम अजवाइन
25 ग्राम सर्पगंधा 25 ग्राम लहसुन
25 ग्राम बायविडंग 25 ग्राम गूगल
25 ग्राम सोंठ या 100 ग्राम अदरक
50 ग्राम देसी गुड 25 ग्राम देसी अरंड का तेल
25 ग्राम पीपला मूल 25 ग्राम सेंधा या समुद्री नमक
25 ग्राम सुवादाना 25 ग्राम सौंफ
50 ग्राम सोना बाई कार्ब

उपरोक्त सामग्रियों अपने क्षेत्र में जितनी हो सके उतनी सामग्री का उपयोग करें।

कैसे बनाएं:

उपरोक्त आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को काट कूट कर तथा बारीक पीसकर गौमूत्र में
डालकर अच्छी तरह उबालें । ठंडा होने पर तैयार मिश्रण को छानकर स्टील, मिट्टी या
कांच के बर्तन में रख ले।
इस दवा का उपयोग 15 दिनों तक किया जा सकता है।

उपयोग कैसे करे:

बड़े जानवरों को 150 ग्राम औषधि, 300 ग्राम पानी में डालकर और छोडे शावकों को
100 ग्राम औषधी 300 ग्राम पानी में मिला कर दिन में दो या तीन बार एक सप्ताह
तक देना चाहिये ।

परिणाम:

गौमूत्र सारक, रेचक और पाचक है। जिस से भोजन का ठीक से पाचन होगा। कब्ज दूर
करता है और आंतों को क्रियाशील बनाता है। उपरोक्त अन्य आयुर्वेदिक जड़ी बूटी भी
मंदाग्नि को खत्म करके पाचन तंत्र को सक्रिय और शक्तिशाली बनाती हैं।

भोजन:
2 किलो जौ, मक्का, ज्वार, चावल और बाजरा, मोटा आटा लेकर उसमें हल्दी, सोंठ या
अदरक, नमक, अजवाइन और काली मिर्च डालें। इसमें 4 लीटर पानी डालकर उबालें
और राब बनाएं। राब बन जाने पर देसी गाय के दूध से बनाया हुआ 2 लीटर मट्ठा
मिलाकर पशु को दिन में दो बार पिलाएं।

छोटे पशु को राब की आधी मात्रा में 2 लीटर पानी मिलाकर आधा बच जाने तक उबालें
और ठंडा करके पिलाएं।

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