#16 – गैस, अफरा, मरोड
लक्षण और कारण:
हरी ज्वार की पत्ती या अत्यधिक हरे रंग का चारा खाने, दूषित, गंडा या कीड़े युक्त
दूषित पानी पीने से पशु में गैस, अफारा या मरोड़ आ जाती है। नतीजन , जानवर का
पेट ड्रम की तरह फूल जाता है। पेट पर हाथ मारने पर ढोल की तरह आवाज आती है।
अफरा चढ़ता है। मुंह से झाग निकलता है। पशु हाफता रहता है। पेट में ऐंठन आती है।
पशु जमीन पर रहता है और वह बेचैन हो जाता है। पशु को बहुत दर्द होता है, साथ ही
कभी-कभी मृत्यु भी हो जाती है।
बीमारी के
बीमारी के उपचार हेतू उपयुक्त पदार्थ:
| 1 लीटर गौमूत्र (Cow Urine of Indigenous Breed) | 25 ग्राम सोडा बाय कार्ब |
| 25 ग्राम हरड़ चूर्ण | 20 ग्राम खाने वाला कपूर |
| 25 ग्राम सोंठ पाउडर या | 100 ग्राम अदरक |
| 25 ग्राम देसी अरंडी का तेल | 25 ग्राम तुलसी के पत्ते |
| 20 ग्राम नमक | 25 ग्राम गूगल |
| 25 ग्राम बायबिडंग | 25 ग्राम जीरा |
| 25 ग्राम जटामांसी | 25 ग्राम पीपला मूल |
| 50 ग्राम हरा धनिया | 15 ग्राम नौसादर Sal Ammoniac |
| 50 ग्राम ईनो | 25 ग्राम टारपीन का तेल |
| 10 ग्राम काली मिर्च | 25 ग्राम हींग |
| 25 ग्राम अजवाईन | 25 ग्राम सर्पगंधा |
उपरोक्त सामग्रियों से, अपने क्षेत्र में जितना हो सके उतने पदार्थों का उपयोग करें।
कैसे बनाएं:
उपरोक्त आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को काट कूट कर तथा बारीक पीसकर गौमूत्र में
डालकर अच्छी तरह उबालें । ठंडा होने पर तैयार मिश्रण को उपयोग में ले सकते हैं।
उपयोग कैसे करे:
उपरोक्त 150 ग्राम औषधि मे 300 ग्राम पानी मिलाकर बड़े जानवरों को और छोटे
जानवरों को 50 ग्राम औषधि में 100 ग्राम पानी में मिलाकर दिन में दो से तीन बार
पिलाएं ।
भोजन:
“राब” में 2 किलो जौ, मक्का, ज्वार, चावल और बाजरा, मोटा आटा लेकर उसमें हल्दी,
अदरक, नमक, पीपला मूल और काली मिर्च डालें। इसमें 4 लीटर पानी डालकर उबालें
और राब बनाएं। राब बन जाने पर देसी गाय के दूध से बनाया हुआ 2 लीटर मट्ठा
मिलाकर पशु को दिन में दो से तीन बार पिलाएं।
परिणाम:
गौमूत्र रेचक, कसैला और दर्दनाशक होता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है। उपरोक्त
जड़ी-बूटियाँ पेट को गैस को मुक्त करके पेट दर्द और बीमारी से छुटकारा दिलाएंगी।
नोट:
● पशु की जीभ खींचने या दौड़ाने से भी गैस निकलती है।
● मुंह में नारियल की रस्सी को लगाम की तरह बांधे पशु द्वारा इसे चबाने पर गैस
निकलती है।
● सोडा वाटर की 2 से 3 तैयार बोतलों को पीने पशु को पिलाने से भी डकार के
साथ गैस बाहर निकल जाएगी।
● इनो फ्रुट सोल्ट 25 ग्राम, 200 ग्राम पानी में पिलाने से गैस निकलेगी।
● 100 ग्राम तारपीन के तेल के साथ 500 ग्राम तिल या मूंगफली के तेल को
मिलाएं और इसे पिलाने से अफारा तुरंत खत्म हो जाता है।
अधिक गैस के कारण यदि पेट बहुत ही फूल गया हो, तो लोहे का सुआ गर्म करें या
डेटॉल से धोकर पेट के बाईं ओर सुगाक करें। इस छिद्र से गैस निकाल जाएगी। फिर
ड्रेसिंग करें। यह प्रक्रिया डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही करे तो अच्छा रहेगा।
नोट:
छेद करने के लिए ट्रैकर या कैन्युला जैसे उपकरण का उपयोग करना उचित है।